Thursday, March 6, 2025

BHARAT MUNI SAMMAN -2024 * National Award Conferred on Dr.Harekrishna Meher (भरतमुनि सम्मान -२०२४ By संस्कार भारती New Delhi)

* BHARAT MUNI SAMMAN -2024 * National Award Conferred on Dr. Harekrishna Meher (भरतमुनि सम्मान -२०२४ By संस्कार भारती New Delhi)

 * BharatMuni Samman -2024 * 

(By Sanskar Bharati, New Delhi) 

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भरतमुनि सम्मान -२०२४  

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Prestigious National Award
Conferred on Dr. Harekrishna Meher for Literature (especially Sanskrit)

By *SANSKAR BHARATI* Head Office, New Delhi 
on 22 February 2025 during Samman Samaroha held in NDMC Convention Centre, New Delhi.
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 Facebook Posthttps://www.facebook.com/share/p/1Gb66N3cP8/

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Dr. Harekrishna Meher,  Retired Sanskrit Professor of Odisha, is a well-known established poet and researcher in Modern Sanskrit Literature.  He is an original author and translator in Sanskrit, Hindi, English, Odia and Kosali Languages. He was honoured by Sanskar Bharati, New Delhi with National Award "BharatMuni Samman-2024" for his remarkable contributions to Literature, especially for Sanskrit.
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A short documentary video produced by Sanskar Bharati, New Delhi on some literary activities of the Awardee Dr. Meher was displayed during the Award-giving Ceremony.
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Documentary Video : Youtube Link :
https://youtu.be/IBkQnAtwdew?si=C1z5AwwOKRITkcxH
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Courtesy and Acknowledgement:
Hearty thanks and gratitude to SANSKAR BHARATI, New Delhi for providing the documentary film for public use.
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Award Giving Reference : 
https://www.facebook.com/share/p/1ALUezoCdV/
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Related Link : Award Announcement : 

https://www.facebook.com/share/p/1EVcEkVeN5/
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Some more details: Photos and Videos of Samman Ceremony : 

https://www.facebook.com/share/p/15i8dNfj2V/
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Friday, August 25, 2023

Biodata (Sanskrit): Dr. Harekrishna Meher (परिचायिका : डॉ. हरेकृष्ण-मेहेर:)

डॉ. हरेकृष्ण-मेहेर: 
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हरेकृष्ण-मेहेरः आधुनिक-संस्कृत-साहित्यस्य अन्यतमः सुपरिचितः सारस्वत-साधकः । 
स कविः संस्कृत-विद्वान्, अध्यापकः, गवेषकः, समालोचकः, गीतिकारः, स्वर-रचनाकारः, 
सुवक्ता मौलिक-लेखकः सफलानुवादकश्च । 
ओड़िशा-राज्यस्य नूआपड़ा-जिल्लान्तर्गते सिनापालि-ग्रामे १९५६- ईसवीय-वर्षे 

कवि-परम्परा-वाहिनि वंशे स लब्ध-जन्मा । 
तस्य पिता दिवंगतः कविः नारायण-भरसा-मेहेर:, माता श्रीमती सुमती देवी । 

पितामहः दिवंगतः कविः मनोहर-मेहेरः ओड़िआ-साहित्ये पश्चिम-ओड़िशायाः 'गणकवि'-रूपेण चर्चितः । 

कवेः शिक्षा : 
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सिनापालि-उच्च-विद्यालये अध्ययन-पूर्वकम् ओड़िशायाः माध्यमिक-शिक्षापरिषदः 
माट्रिकुलेशन् (१९७१, प्रथम श्रेणी); 

गङ्गाधर-मेहेर-महाविद्यालये अध्ययन-पूर्वकम् सम्बलपुर-विश्वविद्यालयतः 
प्राक्-विश्वविद्यालय(पी.यू.)- (१९७२) तथा बी.ए. प्रथम वर्ष कला (१९७३, प्रथम श्रेणी) । 

कटक-स्थिते रेवेन्शा-महाविद्यालये अध्ययन-पूर्वकम् उत्कल-विश्वविद्यालयात् 
स्नातक-संस्कृत-सम्माने (ऑनर्स) प्रथम-श्रेणीषु प्रथमः (१९७५) । 

बनारस-हिन्दु-विश्वविद्यालयात् उपाधित्रयम् * * 

एम्.ए. संस्कृते स्वर्णपदक-प्राप्त: (१९७७), पीएच्.डी. संस्कृतम् (१९८१), 
डिप्लोमा-इन्-जर्मन् (१९७९) । 

बी.ए. संस्कृत-ऑनर्स-परीक्षायां सर्वोच्च-स्थानाधिकार-प्राप्ति-हेतोः  रेवेन्शा-महाविद्यालयात् 

जगन्नाथमिश्र-स्मारकी-पुरस्कार-प्राप्तः । 

एम्.ए.-संस्कृत-परीक्षायां सर्वोच्च-स्थान-प्राप्ति-हेतोः 

बनारस-हिन्दु-विश्वविद्यालय-स्वर्णपदकम्, 
श्रीकृष्णानन्द-पाण्डेय-सहारनपुर-स्वर्णपदकम्, 
काशीराज-पदकं च प्राप्य पुरस्कारेण सम्मानितः । 

सारस्वत-सेवा : 
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हरेकृष्ण-मेहेरः १९८१-वर्षे ओड़िशा-शिक्षा-सेवायां संस्कृताध्यापक-रूपेण नियुक्तः । 
बरगड़स्थ-पञ्चायत-महाविद्यालये, बालेश्वरस्थ-फकीरमोहन-महाविद्यालये, 
भवानीपाटनास्थ-सर्वकारीय-महाविद्यालये च  अध्यापनां कृतवान् । 
सम्बलपुर-स्थिते  गङ्गाधर-मेहेर-स्वयंशासित-महाविद्यालये 
स्नातकोत्तर-संस्कृत-विभागस्य वरिष्ठ-प्रवाचक-रूपेण  विभागाध्यक्ष-रूपेण च 
कार्यं सम्पाद्य २०१४-वर्षस्य मई-मासे  सेवा-निवृत्तः ।  

ओड़िआ-हिन्दी-आङ्ग्ल-संस्कृत-कोशली-भाषासु स कृतविद्यो लेखकः । 


तस्य अनुवादेषु ओड़िआ-प्रकृतिकवि-गङ्गाधरमेहेर-कृतस्य तपस्विनी-महाकाव्यस्य 

संस्कृत-हिन्दी-आङ्ग्ल-पद्यानुवादाः, 

भर्त्तृहरिशतकत्रय-कुमारसम्भव-ऋतुसंहार-मेघदूत-रघुवंश-नैषध(नवमसर्ग)-गीतगोविन्द-                                
श्रीमद्भगवद्गीतादीनां संस्कृत-ग्रन्थानाम् ओड़िआ-छन्दोबद्ध-पद्यानुवादाः, 
कालिदासीय-मेघदूत-काव्यस्य कोशली-गीत-रूपान्तरं च तस्य रचना-नैपुण्यं प्रकाशयन्ति । 

राष्ट्रीय-अन्ताराष्ट्रीय-स्तरीय-पत्रपत्रिकासु तस्य शोधलेख-निबन्ध-कवितादयः प्रकाशिताः सन्ति । 

तेन विश्वसंस्कृतसम्मेलन-राज्यस्तरीय-सम्मेलनेषु शोधलेख-परिवेषण-समेतं कवि-सम्मेलनेषु 
मौलिक- कविता-पठनं सक्रिय-योगदानं च कृतम् । 
आकाशवाणी-दूरदर्शनेषु तस्य लेख-परिचर्चा-कवितादयः प्रसारिताः । 

संस्कृतस्य आधुनिकीकरण-सरलीकरण-दिशासु एतस्य कवेः सारस्वतावदानमुल्लेखनीयम् । 

आधुनिक-संस्कृत-साहित्ये स्वीय-काव्यगुणैः सर्जनशील-शोधलेखैश्च 
स स्वतन्त्र-स्थानमधिकरोति । पदलालित्य-समेतं सङ्गीतमयत्वम् अस्य गीतिकवेः 
काव्य-रचनायाः विशेषत्वम् । 

मातृगीतिकाञ्जलिः, पुष्पाञ्जलि-विचित्रा, स्वस्तिकविताञ्जलिः, सारस्वतायनम्, सौन्दर्य-सन्दर्शनम्, 

सावित्रीनाटकम्, जीवनालेख्यम्, मौनव्यञ्जना, अस्रमजस्रम्, हासितास्या वयस्या, 
उत्कलीय-सत्कला, स्तवार्चन-स्तवकम्, सूक्ति-कस्तूरिका, मेहेरीय-छन्दोमाला चेत्यादीनि 
तस्य संस्कृत-काव्यानि प्रबन्ध-ग्रन्थाश्च । 

अयं कविः गङ्गाधर-सम्मानः, गङ्गाधर-सारस्वत-सम्मानः, 

जयकृष्णमिश्र-काव्य-सम्मानः, विद्यारत्न-प्रतिभा-सम्मान:, 
अशोकचन्दन-स्मारक-सम्मान:, आचार्य-प्रफुल्लचन्द्र-राय-स्मारक-सम्मानः, 
हरिप्रियामुण्ड-स्मारकी-गङ्गाधर-मेहेर-सम्मानः, ‘कोशली मेघदूत’-पुस्तकार्थं 
सम्बलपुर-विश्वविद्यालय-प्रदत्तः डा.नीलमाधव-पाणिग्राही-सम्मानः, 
वाचस्पति-गणेश्वर-रथ-वेदान्तालङ्कार-सम्मानः, विश्व-संस्कृत-दिवस-सम्मानः, 
राज्यस्तरीय-गङ्गाधर-मेहेर-स्मृतिसम्मानः, सर्वश्री-साहित्य-सम्मानः, गीतिसंस्कृत-महाकवि: राष्ट्रिय-सम्मान:, व्यासभारती-सम्मान: चेत्यादिभिः समलङ्कृतः तथा अनेकैः सारस्वत-सास्कृतिकानुष्ठानैः 
मानपत्र-समेतं संवर्धितः । तस्य अनेकानि पुस्तकानि प्रकाशितानि सन्ति । 

स ओड़िशा-साहित्य-अकादम्या: पूर्वतन-सदस्य: । 
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Biodata Details: Dr. Harekrishna Meher : Works and Achievements : 
Link :  http://hkmeher.blogspot.com/2007/07/my-biodata.html
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Interview with Dr.Harekrishna Meher: Published in ‘Bartika’ Magazine (2017): 
Hindi Version: Link : 

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Interview with Dr.Harekrishna Meher: Sanskrit Saptahiki, All India Radio, New Delhi: 12 June 2021: 

http://hkmeher.blogspot.com/2021/08/interview-with-dr-harekrishna-meher-by.html

YouTube Link : https://youtu.be/n0XPok3m-rM 

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Contributions of Harekrishna Meher to Sanskrit Literature: 

सङ्केतः
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Dr. HAREKRISHNA MEHER
Retired Sr. Reader and Head, 
Post-Graduate Department of Sanskrit, 
Gangadhar Meher Autonomous College, 
SAMBALPUR - 768004, Orissa (India) 

Mobile : +91-94373-62962 
e-mail : meher.hk@gmail.com 
website : http://hkmeher.blogspot.com 
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Friday, May 14, 2021

BIODATA: HINDI : Dr. HAREKRISHNA MEHER (डा. हरेकृष्ण मेहेर : परिचय)

परिचय-पत्रिका 
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डॉ. हरेकृष्ण मेहेर 

जन्म-दिनांक : ५ मई १९५६ 
जन्मस्थान : सिनापालि (ओड़िशा) 
पिता : कवि नारायण भरसा मेहेर 
माता : श्रीमती सुमती देवी 
पत्‍नी : श्रीमती कुन्तला कुमारी मेहेर   
मातृभाषा : ओड़िआ 
राष्ट्रीयता : भारतीय * 

शिक्षा : 
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सिनापालि उच्च विद्यालय, माध्यमिक शिक्षापरिषद्, ओड़िशा से 
माट्रिकुलेशन् (१९७१, प्रथम श्रेणी); 
गङ्गाधर मेहेर महाविद्यालय, सम्बलपुर विश्वविद्यालय से 
प्राक्-विश्वविद्यालय (पी.यू.) - (१९७२) एवं प्रथमवर्ष डिग्री कला (१९७३, प्रथमश्रेणी); 
रेवेन्शा महाविद्यालय कटक में अध्ययन पूर्वक उत्कल विश्वविद्यालय से
बी.ए. संस्कृत अनर्स, प्रथम श्रेणी में प्रथम (१९७५) ; 
बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय से तीन उपाधियाँ * *  एम्.ए. संस्कृत, प्रथम श्रेणी में प्रथम, स्वर्णपदक प्राप्त (१९७७),
पीएच्.डी. संस्कृत (१९८१), डिप्लोमा इन् जर्मन् (१९७९). 

* विशेष विषय : भारतीय दर्शन । 
* पीएच्.डी. शोध-विषय : Philosophical Reflections in the Naishadhacharita.

* बी.ए. संस्कृत आनर्स में सर्वोच्च स्थान अधिकार हेतु 
   रेवेन्शा महाविद्यालय से जगन्नाथ मिश्र स्मारकी पुरस्कार प्राप्त । 

* एम्.ए. संस्कृत परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्ति हेतु 
   बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय-स्वर्णपदक, श्रीकृष्णानन्द पाण्डेय सहारनपुर-स्वर्णपदक, 
   काशीराज-पदक एवं पुरस्कार से सम्मानित । 

* अध्यापक, कवि, गवेषक, समालोचक, प्राबन्धिक, गीतिकार, स्वर-रचनाकार, 
    सुवक्ता एवं सफल अनुवादक के रूप में परिचित । 

* ओड़िआ, हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत एवं कोशली – पाँच भाषाओं में मौलिक लेखन 
   तथा अनेक श्रेष्ठ काव्यकृतियों के छन्दोबद्ध अनुवाद । 

* राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की पत्रपत्रिकाओं में शोधलेख, प्रबन्ध और कविता आदि प्रकाशित । 
* अनेक मौलिक और अनूदित पुस्तकें प्रकाशित । 

* अन्तर्जाल पर अनेक पत्रिकाओं में तथा अपने वेब्‌साइट् में कई लेख प्रकाशित । 

* विश्वसंस्कृत-सम्मेलनों, राज्यस्तरीय अनेक सम्मेलनों एवं संगोष्ठियों में 
   शोधलेख परिवेषण तथा कवि-सम्मेलनों में सक्रिय योगदान ।

* संस्कृत के सरलीकरण और आधुनिकीकरण की दिशा में विशेष प्रयत्नशील । 
* अपने उद्भावित मौलिक छन्दों में आधुनिक संस्कृत गीति-रचना तथा स्वर-रचना ।

* आकाशवाणी-दूरदर्शन आदि में लेख, परिचर्चा और कविताएँ प्रसारित । 

* डीडी न्यूज् - चैनल दिल्ली के  'वार्तावली' कार्यक्रम में अनेक हिन्दी चलचित्र-गीतों के स्वकृत संस्कृत गीतानुवाद वीडियो प्रसारित एवं यू-ट्यूब् पर स्थापित ।

* पितामह दिवंगत कवि मनोहर मेहेर पश्चिम ओड़िशा के “गणकवि” के रूप में सुपरिचित । 
   कवि-परम्परा से मौलिक सर्जनात्मक-प्रतिभासम्पन्न डॉ. मेहेर की भाषा-साहित्य एवं 
   सङ्गीत कला में विशष अभिरुचि । आधुनिक संस्कृत साहित्य के अन्यतम गीतिकवि के रूप में प्रतिष्ठित ।

* कई उपलक्ष्यों में स्वरचित संस्कृत-गीतियाँ एवं कोशली गीत एकल तथा वृन्दगान के 
   रूप में परिवेषित । 

* हाथरस  उत्तरप्रदेश की लोकप्रिय ‘संगीत’ पत्रिका में अपनी मौलिक नवीन छन्दोबद्ध 
   संस्कृत गीतियों सहित स्वरचित स्वरलिपियाँ प्रकाशित । 
   प्रसिद्ध संगीतकार पण्डित एच्. हरेन्द्र जोशी- रचित स्वरलिपियाँ भी वहाँ प्रकाशित । 
   डॉ. मेहेर-कृत संस्कृत गीत “नववर्ष-गीतिका” की आडियो कैसेट् एवं वीडियो कैसेट् 
   मध्यप्रदेश की रतलाम एवं जावरा आदि नगरियों में स्थानीय टी.वी. चैनलों पर प्रसारित । 

* कुछ विश्वविद्यालयों के प्रस्तुत शोध-ग्रन्थों में तथा अन्यत्र अनेक विद्वानों के शोधलेखों में 
   डॉ. मेहेर संस्कृत कवि एवं मौलिक लेखक के रूप में संस्कृत गीतियों सहित चर्चित । स्वतन्त्ररूप से भी  उनकी संस्कृत काव्यकृतियों पर उच्च शोधकार्य सम्पन्न ।

* कुछ महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में उनकी संस्कृत कविताएं बीए पाठ्यक्रम में अन्तर्भुक्त । ओड़िशा के उच्च विद्यालय में उनकी संस्कृत कविता पाठ्यपुस्तक में स्थानित ।

* आन्तर्जातिक अनेक जीवनी-ग्रन्थों में परिचयात्मक विवरण प्रकाशित ।
* ओड़िशा साहित्य अकादेमी, भुवनेश्वर  के पूर्वतन सदस्य ।
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साहित्यिक एवं सांस्कृतिक अनुष्ठानों द्वारा सम्मान प्राप्त :
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* “गंगाधर सम्मान” (२००२): सांस्कृतिक परिषद, पाटनागड़. 

* “गंगाधर सारस्वत सम्मान” (२००२): गंगाधर साहित्य परिषद, बरपालि.

* “जयकृष्ण मिश्र काव्य सम्मान” (२००३): निखिलोत्कल संस्कृत कवि सम्मेलन, कटक.

* "विद्यारत्न प्रतिभा सम्मान” (२००५): 
    राज्यस्तरीय पण्डित नीलमणि विद्यारत्न स्मृति संसद, भुवनेश्वर.

* "अशोकचन्दन-स्मारक गंगाधर  सम्मान" (२००९): 
    राज्यस्तरीय स्वभावकवि गंगाधर स्मृति समिति, बरपालि  एवं 
    केदारनाथ कला साहित्य संसद, अम्बाभोना.

* "आचार्य प्रफुल्लचन्द्र राय स्मारक सम्मान" (२०१०):  
    अकादेमी अफ्‌ बेङ्गली पोएट्रि, कोलकाता.
 
* "हरिप्रिया-मुण्ड स्मारकी गंगाधर मेहेर सम्मान" (२०१०): 
    कवि गंगाधर मेहेर क्लब्, बरपालि.

* "डॉ.नीलमाधव-पाणिग्राही सम्मान" (२०१०): ['कोशली मेघदूत' पुस्तक के लिये],
    सम्बलपुर विश्वविद्यालय, ज्योतिविहार सम्बलपुर.

* "एवार्ड़् अफ् एप्रिसिएशन्" (जयदेव उत्सव -२००८): ओड़िशी एकाडेमी, लोधी मार्ग, नई दिल्ली.

* "वाचस्पति गणेश्वर रथ वेदान्तालङ्कार-सम्मान" (२०१३): 
    (विश्वसंस्कृत-दिवस-समारोह, पण्डित सम्मिलनी) -
    बालाजी मन्दिर सुरक्षा समिति, भवानीपाटना, ओड़िशा.

* "विश्वसंस्कृत-दिवस-सम्मान" (२०१३): 
     महाबीर सांस्कृतिक अनुष्ठान, भवानीपाटना, ओड़िशा.

* "एकाम्र सम्मान" (२०१८): 
    केदारनाथ गवेषणा प्रतिष्ठान, भुवनेश्वर.

* "गंगाधर मेहेर सम्मान" (२०१८): 
    गंगाधर मेहेर प्रतिष्ठान, भुवनेश्वर.

* "राज्यस्तरीय गंगाधर मेहेर स्मृति सम्मान" (२०२०): 
    गंगाधर मेहेर स्मृति समिति एवं राजज्योति सेवा समिति, टिटिलागड़, बलांगीर. 

* "सर्वश्री साहित्य सम्मान" (२०२१): सर्वश्री सबाखिआ साहित्य संसद, भवानीपाटना, ओड़िशा. 

* "गीतिसंस्कृत-महाकवि: राष्ट्रिय सम्मान" (२०२३): लोकभाषा प्रचार समिति, पुरी, ओड़िशा. 

* "व्यासभारती सम्मान" (२०२३): महर्षिव्यासदेव राष्ट्रीय प्राच्यविद्या-गवेषणा केन्द्र, राउरकेला,       ओड़िशा. 

* "कलाहाण्डि बरपुत्र सम्मान" (२०२४):  जिल्ला संस्कृति परिषद, कलाहाण्डि, भवानीपाटना,       ओड़िशा  (कलाहाण्डि उत्सव, घुमुरा-२०२४ के अवसर पर). 

* "भरतमुनि सम्मान" (२०२४): (साहित्य के लिये राष्ट्रीय सम्मान) संस्कार भारती, नयी दिल्ली द्वारा प्रदत्त, २२ फरबरी २०२५). 

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मानपत्र सहित    

संवर्धना एवं अभिनन्दन प्राप्त : 
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* खरियार साहित्य समिति, राजखरियार (१९९८)
* गदाधर साहित्य संसद, कोमना (१९९८)
* सम्बलपुर विश्वविद्यालय, ज्योतिविहार (२०००)  
* शिक्षाविकाश परिषद, कलाहाण्डि (२००३)
* कलाहाण्डि लेखक कला परिषद, भवानीपाटना (२००३)
*अभिराम स्मृति पाठागार ट्रष्ट, भवानीपाटना (२००६)  
* उदन्ती महोत्सव, सिनापालि, नूआपड़ा (२०१२) 
* बनानी-कवि-सम्मिलनी, कलाहाण्डि-लेखक-कला-परिषद (२०१३)
* गंगाधर सारस्वत समिति, सिनापालि, नूआपड़ा (२०१६)
* निखिल ओड़िशा मेहेर भुलिआ समाज, सम्बलपुर (पद्मपुर महासभा, २०१८)
* सरकारी स्वयंशासित महाविद्यालय, संस्कृत विभाग, भवानीपाटना (२०१८) 

* महर्षिव्यासदेव राष्ट्रीय प्राच्यविद्या-गवेषणा केन्द्र, राउरकेला, ओड़िशा (२०२०) 

* माटिलग्ना साहित्य संसद, मालकानगिरि, ओड़िशा (२०२१)
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अध्यापना : 
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* १९८१ से ओड़िशा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्त होकर ओड़िशा शिक्षा सेवा (ओ. ई. एस्.) में संस्कृत अध्यापक के रूप में योगदान । विभिन्न सरकारी महाविद्यालयों में अध्यापना ।
  सरकारी पञ्चायत महाविद्यालय,  बरगड़ (१९८१-१९८८); फकीरमोहन महाविद्यालय, बालेश्वर (१९८८-१९९२);
  सरकारी स्वयंशासित महाविद्यालय भवानीपाटना (१९९२-२०१२);  गंगाधर मेहेर स्वयंशासित महाविद्यालय, सम्बलपुर (२०१२-२०१४).

१९८१ से अध्यापक, १९८६ से वरिष्ठ अध्यापक, १९९४ से रीडर (ओईएस् -१, प्राध्यापक/उपाचार्य), १९९९ से वरिष्ठ उपाचार्य । 


 * गंगाधर मेहेर स्वयंशासित महाविद्यालय, सम्बलपुर में स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग के वरिष्ठ रीडर एवं विभागाध्यक्ष के रूप में कार्य सम्पादन करते हुए मई २०१४ में (ओड़िशा शिक्षासेवा-१) सेवा-निवृत्त । 
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* प्रमुख साहित्यिक कृतियाँ * 
प्रकाशित : (पुस्तक) 
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 (१) पीएच्‌. डी. शोधग्रन्थ “Philosophical Reflections in the Naisadhacarita”
(ISBN : 81-85094-21-7), पुन्थि पुस्तक, ३६/४बी, विधान सरणी, कोलकाता-४, १९८९. 

(२) नैषध-महाकाव्ये धर्मशास्त्रीय-प्रतिफलनम् (शोधपुस्तिका),
धर्मशास्त्र विभाग, श्रीजगन्नाथ संस्कृत विश्वविद्यालय, पुरी, १९९४. 

(३) साहित्यदर्पण : अलंकार (ओड़िआ-संस्कृत व्याख्या सहित)
ISBN: 81-7411-12-7, विद्यापुरी, बालुबजार, कटक-२, १९९५. 

(४) श्रीकृष्ण-जन्म (मौलिक ओड़िआ कविता पुस्तक), १९७७.
(५) श्रीरामरक्षा-स्तोत्र (शिवरक्षा-स्तोत्र सहित ओड़िआ छन्दोबद्ध पद्यानुवाद),१९७७.
(६) शिवताण्डव-स्तोत्र (ओड़िआ पद्यानुवाद), १९७८,१९८५. 

(७) विष्णु-सहस्रनाम (ओड़िआ पद्यानुवाद), १९७८.
(८) गायत्री-सहस्रनाम (ओड़िआ पद्यानुवाद), १९८२.
       ५ से ८ प्रकाशक: बाणी भण्डार, ब्रह्मपुर, गञ्जाम, ओड़िशा.  

(९) मनोहर पद्यावली (संपादित), प्रकाशक: श्रीनारायण भरसा मेहेर, मनोहर कवितावास, सिनापालि, १९८५. 

(१०) मातृगीतिकाञ्जलि: (आधुनिक मौलिक संस्कृत गीतिकाव्य),
कलाहाण्डि लेखक कला परिषद, भवानीपाटना, १९९७. 

(११) तपस्विनी (स्वभावकवि गङ्गाधर मेहेर-कृत ओड़िआ तपस्विनी काव्य का सम्पूर्ण हिन्दी अनुवाद), सम्बलपुर विश्वविद्यालय, ज्योतिविहार, सम्बलपुर, ओड़िशा, २०००. 

(१२) Tapasvini of Gangadhara Meher (स्वभावकवि गंगाधर मेहेर के  'तपस्विनी' काव्य का सम्पूर्ण अंग्रेजी अनुवाद), ISBN: 81-87661-63-1, आर्. एन्. भट्टाचार्य, ए-१२७, एच्.वी. टाउन, सोदेपुर, कोलकाता-७००११०, २००९.

(१३) कोशली मेघदूत (महाकवि कालिदास-कृत मेघदूत काव्य का सम्पूर्ण कोशली गीत रूपान्तर), ISBN: 13-978-93-80758-03-9, तृप्ति प्रकाशन, भुवनेश्वर-७५१००२, ओड़िशा  २०१०. 

(१४) तपस्विनी (स्वभावकवि गङ्गाधर मेहेर-कृत ओड़िआ तपस्विनी काव्य का सम्पूर्ण संस्कृत अनुवाद), ISBN: 978-81-7110-412-3, परिमल पब्लिकेशन्स्, २७-२८ शक्तिनगर, दिल्ली-७, २०१२.

(१५) नैषधचरित-नवम सर्ग (महाकवि श्रीहर्ष-कृत संस्कृत महाकाव्य का ओड़िआ पद्यानुवाद), ISBN: 93-95807-36-9 //9789395807364, किताब भवन, एन्-६/४२८, आई-आर्-सी विलेज्, भुवनेश्वर-१५, ओड़िशा, २०२३. 

(१६) मेघदूत (महाकवि कालिदास-कृत संस्कृत काव्य का ओड़िआ पद्यानुवाद), ISBN: 93-95807-53-9 //9789395807531, किताब भवन, एन्-६/४२८, आई-आर्-सी विलेज्, भुवनेश्वर-१५, ओड़िशा, २०२३. 

(१७) भर्तृहरि-शतकत्रय (महाकवि भर्तृहरि-कृत संस्कृतकाव्य नीति-शृङ्गार-वैराग्यशतक का ओड़िआ पद्यानुवाद), ISBN: 93-95000-71-6 //9789395000710. किताब भवन, एन्-६/४२८, आई-आर्-सी विलेज्, भुवनेश्वर-१५, ओड़िशा, २०२४. 

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याजपुर, ओड़िशा के प्रसिद्ध मुखपत्र "बर्त्तिका" के विभिन्न दशहरा विशेषांकों में कुछ प्रसिद्ध संस्कृत काव्यों के डा. मेहेर-कृत ओड़िआ छ्न्दोबद्ध पद्यानुवाद प्रकाशित : (प्रकाशन वर्ष सूचित):

* नीतिशतक (भर्तृहरि), संपूर्ण, १९९५-९७.
* शृङ्गार-शतक (भर्तृहरि), संपूर्ण, १९९८ .
* वैराग्य-शतक (भर्तृहरि), संपूर्ण, १९९९.

* नैषधचरित-नवमसर्ग (श्रीहर्ष), २०००.

* रघुवंश (कालिदास):
प्रथम सर्ग - २०२४ * द्वितीय सर्ग - २००२ * तृतीय सर्ग -२०२१. * चतुर्थ-पंचम सर्ग - २०२३ *
षष्ठ-सप्तम सर्ग - २०१८.

* कुमारसम्भव (कालिदास): 
प्रथम सर्ग - २००५.
द्वितीय सर्ग - २००६. 
तृतीय-चतुर्थ सर्ग - २०१९.     
पञ्चम सर्ग - २००१.
षष्ठ सर्ग - २०२०.
सप्तम  सर्ग - २००४.
अष्टम सर्ग - २००९.

* ऋतुसंहार (कालिदास), संपूर्ण, २०१५. 

* मेघदूत (कालिदास), संपूर्ण, २०१७. 

* गीतगोविन्द (जयदेव), संपूर्ण, २०१६. 

* श्रीमद्भगवद्-गीता (व्यासदेव), संपूर्ण, २०२२. 

--
* कोशली मेघदूत (कवि कालिदास के मेघदूत काव्य का संपूर्ण कोशली गीत अनुवाद), 'बर्त्तिका', दशहरा विशेषांक-२००३.
(बाद में २०१० में स्वतन्त्र पुस्तक रूप में प्रकाशित एवं सम्बलपुर विश्वविद्यालय द्वारा "डा. नीलमाधव-पाणिग्राही सम्मान"-२०१० से सम्मानित)  

=
कविवर राधानाथ राय-कृत ओड़िआ कविता “बर्षा” का संस्कृत श्लोकानुवाद  (लोकभाषा-सुश्री: पत्रिका, पुरी, २००६).
=======

अप्रकाशित (मौलिक):
-----------  
 

संस्कृत में :  

* पुष्पाञ्जलि-विचित्रा (आधुनिक गीतिकाव्य)  

* स्वस्तिकविताञ्जलि: (आधुनिक गीतिकाव्य)  

* सारस्वतायनम् (शोध-प्रबन्धावली) 

* सौन्दर्य-सन्दर्शनम् (सौन्दर्यशास्त्र-विषयक काव्य) 

* सावित्रीनाटकम् 

* जीवनालेख्यम् (आधुनिक कविता संग्रह) 

* मौन-व्यञ्जना (आधुनिक कविता संग्रह) 

* अस्रमजस्रम् (आधुनिक कविता संग्रह) 

* हासितास्या वयस्या (हाइकु-सिजो-तान्का कविता संग्रह) 

* उत्कलीय-सत्कला (गीतिकाव्य) 

* स्तवार्चन-स्तवकम् (स्तोत्रकाव्य) 

* सूक्ति-कस्तूरिका (सूक्तिकाव्य) 

* मेहेरीय-छन्दोमाला (नव्यछन्द-विषयक कृति). 

---- 
ओड़िआ में : 
* आलोचनार पथे (शोध-प्रबन्धावली)
* भञ्जीय काव्यालोचना 
* भञ्ज-साहित्यरे जगन्नाथ तत्त्व  
* घेन नैषध पराये
* ओड़िआ रीति-साहित्यरे दार्शनिक-चिन्तन
* निबन्धायन  
* कबिताबली
* शिखण्डीकाव्य
* ओडिशा वर्णमालार कृत्रिम समस्या
---- 
अंग्रेजी में : 
* Poems of the Mortals
* Glory (Research Articles and Essays)
----

हिन्दी में : 
* हिन्दी-सारस्वती (निबन्ध संग्रह)
* कुछ कविता-सुमन । 

कोशली में : कोशली गीतमाला । 
====

अप्रकाशित (अनुवाद) : 
-------

* संस्कृत से ओड़िआ : 
श्रीमद्‍भगवद्‍गीता, कुमारसम्भव, रघुवंश.
* संस्कृत से हिन्दी : मातृगीतिकाञ्जलि:  
* संस्कृत से अंग्रेजी : 
शिवताण्डव-स्तोत्र, गीतगोविन्द. 
* ओड़िआ से हिन्दी : 
कवि गङ्गाधर मेहेर-प्रणीत ‘प्रणय-वल्लरी’, ‘अर्घ्यथाली’, ‘कीचकवध’ काव्य. 
* ओड़िआ से अंग्रेजी : कवि गङ्गाधर मेहेर-कृत 'अर्घ्यथाली'.
" ओड़िआ से संस्कृत : कवि गङ्गाधरमेहेर-कृत प्रणयवल्लरी, अर्घ्यथाली । कविवर  राधानाथराय-कृत 'शरत' कविता. 

* हिन्दी से संस्कृत :
'चलचित्र-गीत-संस्कृतायनम्'
(हिन्दी चलचित्र गीतों के मूलस्वरानुसारी गायनानुकूल संस्कृतानुवाद)
====== 

विस्तृत जानकारी के लिए अंग्रेजी परिचय-पत्रिका द्रष्टव्य * 

Related Links : 

* Biodata in English : 
http://hkmeher.blogspot.in/2012/06/brief-biodata-english-dr-harekrishna.html 

* Biodata : (Hindi-English-Sanskrit-Odia) :
http://tapasvini-kavya.blogspot.in/2011/12/biodata-english-hindi-sanskrit-oriya-dr.html
--- 

Biodata : Hindi (New) : https://tapasvini-kavya.blogspot.com/2021/05/biodata-hindi-dr-harekrishna-meher.html 

आखर कलश : AakharKalash: Hindi E-magazine: Biodata: http://aakharkalash.blogspot.com/2010/05/blog-post_05.html?m=1

--- 

हरेकृष्ण मेहेर से एक साक्षात्कार : हिन्दी अनुवाद ( बर्त्तिका मुखपत्र में प्रकाशित) * 

Interview in Bartika Magazine (Hindi Version):  
http://hkmeher.blogspot.com/2017/11/interview-with-dr-harekrishna-meher-by.html?m=1
--- 

संस्कृत साहित्य को हरेकृष्ण मेहेर का अवदान : 
Contributions of Harekrishna Meher to Sanskrit Literature:
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/04/contributions-of-drharekrishna-meher-to.html?m=1
--

साहित्यिक कृतियाँ : Literary Works of Dr. Harekrishna Meher : http://hkmeher.blogspot.com/2018/09/literary-works-of-dr-harekrishna-meher.html

साहित्यिक सम्मान एवं संवर्धना : Literary Awards and Felicitations to Dr. Harekrishna Meher: http://hkmeher.blogspot.com/2018/09/literary-awards-and-felicitations-to-dr.html

=== 

* कुछ पुस्तकों की छवि के लिये : Images of Some Books : 
http://hkmeher.blogspot.com/2010/06/images-of-main-books-of-harekrishna.html 

* विशेष विवरण के लिये द्रष्टव्य : 
Biodata : Works and Achievements : 
http://hkmeher.blogspot.com/2007/07/my-biodata.html  
 = = = = = = 

* सृजनगाथा : Srijangatha (Hindi e-magazine):
कवि गंगाधर मेहेर की कवितायें : https://web.archive.org/web/20101228215548/http://www.srijangatha.com/?pagename=Bhashantar2_May2K9
--------
* सृजनगाथा : Srijangatha (Hindi e-magazine):
कवि गंगाधर मेहेर -एक अमर प्रतिभा : https://web.archive.org/web/20101228214902/http://www.srijangatha.com/?pagename=Hastakshar_Jun2k9
-------
* सृजनगाथा : Srijangatha (Hindi e-magazine):
साहित्य में मूल्यबोध (लेख):  https://web.archive.org/web/20100531010150/http://www.srijangatha.com/Alekh6_Mar2k10
--------
* आखर कलश : तीन कवितायें : (परिचय सहित)* Aakhar Kalash (Hindi e-magazine): 
https://aakharkalash.blogspot.com/2010/05/blog-post_05.html
==== 

Other Links : 

Places where Works of Harekrishna Meher are discussed, cited, referrred, reviewed in Research and other fields : http://hkmeher.blogspot.com/2010/06/places-where-drharekrishna-meher-and.html 

* Research Articles Published : https://hkmeher.blogspot.com/2024/09/published-researh-articles-by-dr.html  

* Sanskrit Poems of Harekrishna Meher Published in Magazines and Journals https://hkmeher.blogspot.com/2024/11/sanskrit-poems-of-harekrishna-meher.html 

List of Journals, Magazines, Newspapers and Anthologies etc. wherein Articles of Harekrishna Meher are published : https://hkmeher.blogspot.com/2024/11/list-of-journals-magazines-newspapers.html 

Research Thesis and Articles written on Sanskrit Kavyas of Harekrishna Meher: https://hkmeher.blogspot.com/2024/10/research-woks-done-on-sanskrit-kavyas.html 

Articles (Other than Research Articles) of Dr.Harekrishna Meher Published : https://hkmeher.blogspot.com/2024/11/articles-other-than-research-articles.html

= = = = = = = = 

Interview with Dr. Harekrishna Meher: Published in ‘Bartika’ Magazine (2017): 
Hindi Version: Link : 

= = = = 

Interview with Dr. Harekrishna Meher: Sanskrit Saptahiki, All India Radio, New Delhi: 12 June 2021: 

http://hkmeher.blogspot.com/2021/08/interview-with-dr-harekrishna-meher-by.html

= = = = 

Interview with Dr.Harekrishna Meher: 'Saagar' Magazine (January 2022): Scanned Odia Pages : Link :  http://m.facebook.com/story.php?story_fbid=8005831109443028&id=100000486559190

* Hindi Version : हिन्दी रूपांतर : https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=pfbid0uTawnVH5PhJ89aoG8yErqcWYgjpJhptiX5ccBX6QzcUvANoLT72B6ZZzU3zqQQSol&id=100000486559190 

* Blog Link : http://hkmeher.blogspot.com/2022/08/interview-with-dr-harekrishna-meher.htm

= = = = = = = = 

Biodata Details : WORKS AND ACHIEVEMENTS : 
http://hkmeher.blogspot.com/2007/07/my-biodata.html

* Wikipedia (Free Encyclopedia ) - हरेकृष्ण मेहेर :
http://hi.wikipedia.org/wiki/हरेकृष्ण_मेहेर 

* Matrigitikanjalih (Sanskrit Gitikavya): Wikipedia : 
https://en.m.wikipedia.org/wiki/Matrigitikanjalih 

* Biodata (English-Hindi-Sanskrit-Odia) : 

* Youtube (meherhk) : https://youtube.com/user/meherhk 

Youtube (meherhk) Videos: https://youtube.com/meherhk/videos/      
  
Sanskrit Documents Site : 
(Poems of Harekrishna Meher) : https://sanskritdocuments.org/sanskrit/hkmeher/ 

Sanskrit Language Site : 
(Includes Links of HKMeher's Biodata and Blog, Tapasvini Blog, Poemhunter, Film Songs-Youtube etc.) : 
* Some Translated Poems of Harekrishna Meher from Vedic and Classical Sanskrit Literature) : 

The Lied and Art Song : https://web.archive.org/web/20100717115610/http://www.recmusic.org/lieder/get_texts.html?ContribId=632 

* * * 

Dialogue with Dr. Harekrishna Meher :
(On Contribution to Sanskrit through Translation with a New Perspective).
* Sanskrit Ka Nayaa Aakash *

'Vishwambhara Parivar' (United States of America)

24 May 2021, Monday. (India at 9 pm Night, America Central - 10.30 Morning, 
UK - 4.30 pm Evening, Europe -5.30 pm Evening.
---
Anchor : Dr. Kavita Vachaknavi
*
Long Full Video on YouTube :  Link : https://youtu.be/zMMKB7UEAyQ
*

'विश्वम्भरा' (https://www.vishvambharaa.org/ ) के मञ्च पर मिलिये दो ऐसे व्यक्तित्वों से जिन्होंने अनुवाद को एक नयी दिशा, आकर्षण व रोचकता प्रदान की है; विशेषतः हिन्दी से संस्कृत में एक व्यक्तित्व ने व दूसरे बहुमुखी व बहुभाषाविद् व्यक्तित्व ने अनुवाद को एक अलग ही विस्तार दिया, संस्कृत, पालि व प्राकृत आदि के अकूत ग्रन्थों का अंग्रेजी में अनुवाद कर। बहुत रोचक व महत्वपूर्ण चर्चा ।
*
सोमवार, 24 मई 2021.
भारत (सायं 9:00), अमेरिका (सेण्ट्रल,10:30 प्रातः), यूके (सायं 4:30), यॉरोप (सायं 5:30)
****** 


Dr. HAREKRISHNA MEHER 
   M.A. Sanskrit, Gold Medalist (BHU), OES-1.
   Ph.D. (BHU), Diploma in German (BHU).

Retired Sr. Reader and Head,
Post-Graduate Department of Sanskrit
Gangadhar Meher Autonomous College
(College with Potential for Excellence),
SAMBALPUR -768004. Odisha (India)

* Mobile : + 91- 9437362962
* e-mail : meher.hk@gmail.com /
* Blogsite : http://www.hkmeher.blogspot.com
* Biodata (English): http://hkmeher.blogspot.in/2012/06/brief-biodata-english-dr-harekrishna.html
===== 


Thursday, May 13, 2021

TAPASVINI MAHAKAVYA : Complete Sanskrit Version: Harekrishna Meher

Tapasvini Sanskrit Complete:
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http://hkmeher.blogspot.com/2021/05/tapasvini-mahakavya-sanskrit-version.html?m=1
====

Tapasvini Sanskrit
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https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=5075364599156375&id=100000486559190
--+++
SANSKRIT VERSION OF
TAPASVINI MAHAKAVYA
------
* Tapasvini * Original Odia by:
Swabhavakavi Gangadhar Meher (1862-1924)
*
Complete Tri-lingual Hindi-English-Sanskrit Translations by: Dr. Harekrishna Meher
(All Published)
--------
HINDI Tapasvini
(Translated in 1983):
'तपस्विनी'
Publisher: Sambalpur University, Jyoti Vihar, Sambalpur, Odisha, 2000.
*
ENGLISH Tapasvini
(Translated in 1983):
'Tapasvini of Gangadhara Meher'
Publisher: R.N.Bhattacharya, Sodepur, Kolkata, 2009.
*
SANSKRIT Tapasvini
(Translated in 1997):
'तपस्विनी महाकाव्यम्'
Publisher: Parimal Publications, Shaktinagar, Delhi, 2012.
--------
All Three Translations are completely available on web.
Blogsite Link:
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/05/complete-tapasvini-kavya-hindi-english.html
=======
SANSKRIT TAPASVINI :
Web-Link :
-
Praak-kathanam:
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/05/sanskrit-tapasvini-praak-kathanam.html
*
Mukhabandha:
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/04/sanskrit-tapasvini-preface.html
"
Research Article on Tapasvini:
http://hkmeher.blogspot.com/2011/07/gangadhara-mehers-tapasvini-sanskrit.html
*
Canto-1 :
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/04/sanskrit-tapasvini-canto-1_6328.html
*
Canto-2 :
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/04/sanskrit-tapasvini-canto-2.html
*
Canto-3 :
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/04/sanskrit-tapasvini-canto-3.html
*
Canto-4 :
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/04/sanskrit-tapasvini-canto-4_6.html
*
Canto-5 :
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/04/sanskrit-tapasvini-canto-5.html
*
Canto-6 :
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/05/sanskrit-tapasvini-canto-6.html
*
Canto-7 :
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/05/sanskrit-tapasvini-canto-7.html
*
Canto-8 :
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/05/sanskrit-tapasvini-canto-8.html
*
Canto-9 :
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/05/sanskrit-tapasvini-canto-9.html
*
Canto-10 :
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/05/sanskrit-tapasvini-canto-10.html
*
Canto-11 (Last):
http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2013/05/sanskrit-tapasvini-canto-11.html
======
Enlarged Research Article Published in Sanskrit E-Journal *PRACHI PRAJNA* Volume-5, December 2018 :
कवि-गङ्गाधरमेहेर-कृतं तपस्विनी-महाकाव्यम् : एकमनुशीलनम् *
Link: (ARTICLE LINK given there):
https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=3023916970967825&id=100000486559190
------
A Beautiful Depiction of Dawn (Usha) in the pen of Prakriti-Kavi Gangadhar Meher: (मङ्गळे अइला उषा):
Link:
https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=4948795725146597&id=100000486559190
-------
कवि गङ्गाधरमेहेर-प्रणीत ‘तपस्विनी’ महाकाव्य का
हरेकृष्णमेहेर-कृत संस्कृतानुवाद : एक समीक्षण
(Hindi Review Article Published in
‘DRIK’, Volume 28-29, 2012-2013, pages-42-49,
Drig Bharati, Yojana-3, Jhusi, Allahabad, Uttar Pradesh):
http://hkmeher.blogspot.com/2015/05/sanskrit-tapasvini-of-harekrishna-meher_14.html?m=1
* * *
Hindi-English-Sanskrit Articles on Tapasvini:
http://hkmeher.blogspot.com/2011/08/my-hindi-english-sanskrit-articles-on.html
====== 

Biodata : 

http://tapasvini-kavya.blogspot.com/2011/12/biodata-english-hindi-sanskrit-oriya-dr.html?m=1

======= 

Friday, December 30, 2016

Beautiful Depiction of Dawn (Usha) in Tapasvini Kavya/Dr. HKMeher

Beautiful Depiction of Dawn (Usha)  
in Tapasvini-Kavya of Poet Gangadhar Meher
*
(Extracted from Tri-lingual Translations of Tapasvini
By  Dr. Harekrishna Meher) 
= = = = = = = = = = =
Original Odia Poem from Canto-IV
composed in mellifluous Chokhi-Raga :   
= = = = = = = = = = =
मङ्गळे अइला उषा   
बिकच-राजीब-दृशा
जानकी-दर्शन-तृषा 
हृदये बहि      
कर-पल्लबे नीहार-     
मुक्ता धरि उपहार
सतीङ्क बास बाहार  
प्राङ्गणे रहि  ।
कळकण्ठ-कण्ठे कहिला,
दरशन दिअ सति  ! राति पाहिला ॥ ()
*
अरुण कषाय बास     
कुसुम-कान्ति-बिकाश
प्रशान्त रूप बिश्वास 
दिअन्ति मने  ।  
केउँ य़ोगेश्वरी आसि    
मधुर भाषे आश्वासि
डाकुछन्ति दुःखराशि   
उपशमने  ।
देबा पाइँ नब जीबन,
स्वर्गुँ कि ओह्लाइछन्ति  मर्त्त्य भुबन ॥ ()  
*
समीर सङ्गीत गाए   
भ्रमर बीणा बजाए  
सुरभि नर्त्तने थाए   
उषा-निदेशे  ।  
कुम्भाटुआ होइ भाट   
आरम्भिला स्तब पाठ
कळिङ्ग अइला पाट-   
मागध बेशे  ।  
लळित मधुरे कहिला,
उठ सती-राज्य-राणि !  राति पाहिला ॥’ ()
*
= = = = = = = = = = = = = = 
Hindi Translation
= = = = = = = = = = = = = = 
समंगल आई सुन्दरी 
प्रफुल्ल-नीरज-नयना उषा, 
हृदय में ले गहरी 
जानकी-दर्शन की तृषा  ।  
नीहार-मोती उपहार लाकर पल्लव-कर में, 
सती-कुटीर के बाहर 
आंगन में खड़ी होकर  
बोली कोकिल-स्वर में,   
दर्शन दो, सती अरी  ! 
बीती  विभावरी ॥’ (१) 
*
अरुणिमा कषाय परिधान,  
सुमनों की चमकीली मुस्कान  
और प्रशान्त रूप मन में जगाते विश्वास : 
आकर कोई योगेश्वरी 
बोल मधुर वाणी सान्त्वनाभरी 
सारा दुःख मिटाने पास 
कर रही हैं आह्वान  ।  
मानो स्वर्ग से उतर  
पधारी हैं धरती पर  
करने नया जीवन प्रदान ॥ (२) 
*
गाने लगी बयार 
संगीत  तैयार   
वीणा बजाई भ्रमर ने,  
सौरभ लगा नृत्य करने  
उषा का निदेश मान  ।  
कुम्भाट भाट हो करने लगा स्तुति गान ।   
कलिंग आया पट्टमागध बन,   
बोला बिखरा ललित मधुर स्वन,    
उठो  सती-राज्याधीश्वरि ! 
बीती  विभावरी ॥’ (३) 
*
= = = = = = = = = = = = = = =   
English Translation
= = = = = = = = = = = = = = =    
Auspiciously came
Usha, the blooming lotus-eyed dame,  
in her heart cherishing keenly  
thirst for a vision
of the virtuous Janaki.  
Bearing dew-pearls as presentation  
in her hands of leafage,  
standing forward
in the outer courtyard
of Sita’s cottage,  
in cuckoo’s tone spake she,  
‘O Chaste Lady !
Deign to give your sight.  
Dawned the night.’ (1)  
*
The saffron costume  
of auroral shine,  
flowers’ smiling bloom  
and tranquil mien  
make a room  
in the mind to presume :  
Some goddess of yoga reaching the place,  
by sweet words giving solace  
calls to render relief  
from pangs of grief.  
From heaven on earth as if  
has descended to bestow a new life.  (2)  
*
Musical tune Zephyr sang swinging.  
Black Bee played on lute charming.  
By Usha’s bidding, in dance  
rapt remained Fragrance.  
Kumbhatua bird as a royal bard  
began to eulogize forward.  
As the panegyrist premier
Kalinga bird appeared there   
and spake in voice gracefully sweet,
‘Wake please,
O Queen of the empire of chaste ladies !  
Dawned the night.’ (3)  
*  
= = = = = = = = = = = = = = = 
Sanskrit Translation
= = = = = = = = = = = = = = = 
मङ्गलं समागता सौम्याङ्गना
उषा व्याकोषारविन्द-लोचना
वैदेही-दर्शनाभिलाषं वहन्ती स्वहृदये ।
पल्लव-कर-द्वये
नीहार-मौक्तिक-प्रकरोपहारं दधाना
सती-निलय-बहिरङ्गणे विद्यमाना
अभाषत कोकिल-कण्ठ-स्वना सूनरी,
दर्शनं देहि सति ! प्रभाता विभावरी ॥ (१)
*
अरुण-काषायाम्बरम्,
स्मितं सुमनसां विकस्वरम्,
प्रशान्त-रूपं च स्वान्ते जनयन्ति प्रत्ययम् :
काऽपि योगेश्वरी तत्रागत्य स्वयम्
सुमधुर-वचनैः सान्त्वनां प्रदाय
समाकारयति दुःखराशि-प्रशमनाय ।
नवीन-जीवन-दानार्थं सा ध्रुवम्
विद्यते त्रिदिव-भुवनादवतीर्णा भुवम् ॥ (२)
*
सङ्गीतं गायति स्म समीरणः,
भृङ्गो वीणा-वादन-प्रवणः ।
सुरभिरवर्त्तत नर्त्तन-तन्मया
उषाया अनुज्ञया  ।
वैतालिको भूत्वा कुम्भाट-विहङ्गः  
प्रारभत स्तुति-पठनम्  ।  
समागतो मागध-मुख्य-वेशः कलिङ्गः
प्रोवाच सुललित-मधुर-स्वनम्,
उत्तिष्ठ, सती-राज्याधीश्वरि !  
प्रभाता विभावरी ॥ (३)
= = = = = = = = = = = = = 
Ref : Complete Hindi-English-Sanskrit Versions of Tapasvini Kavya : 
* * *